गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

आशा है आपको यह ब्लॉग रुचिकर लगेगा !


आशा है आपको यह ब्लॉग रुचिकर लगेगा !

प्रिय पाठकों,

नमस्कार !

तालाबंदी (अर्थात 'लॉकडाउन') के दौरान अनेक कविताओं का सृजन हो रहा है। कविता एक ऐसी विधा है, जो हमें आनंदित व स्पंदित करने, नए स्वप्न व नए क्षितिज की ओर प्रेरित करने के साथ-साथ बहुत कुछ सम्प्रेषित कर जाती है। यह विभिन्न मानवीय अनुभूतियों, संवेदनाओं, सहमति, समर्थन से सृजित होती है। कहीं मैंने पढ़ा - कविता भी एक सुन्दर चिड़िया ही है। ..... व्यक्ति के मुख में कविता कल्लोल करती है। ..... वह एकांत में सृजित होती है। तालाबंदी (अर्थात 'लॉकडाउन') के दौरान लिखी कुछ चुनिंदा कविताओं को फेसबुक ग्रुप 'तालाबंदी के दौरान की कविता - कवि और पाठक समूह' में साझा किया गया। इन कविताओं को विश्वव्यापी पाठक पढ़ सके और साथ ही कविताओं का अन्य भाषाओं में अनुवाद का टूल भी सुलभ हो सके, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस ब्लॉग को प्रारम्भ किया गया है।

आशा है आपको यह ब्लॉग रुचिकर लगेगा। आपके सुझाव और टिप्पणियों का स्वागत रहेगा।

केशव राम सिंघल

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